
पत्रकार संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जताई गहरी शोक संवेदना
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी दिलवर सिंह बिष्ट के आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही केदार घाटी में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन से पत्रकारिता जगत के साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी गहरा दुःख व्याप्त है। पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
दिलवर सिंह बिष्ट ने लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र की समस्याओं, ग्रामीणों की परेशानियों, विकास कार्यों और सामाजिक विषयों को समाचारों के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता के साथ सरल एवं मिलनसार व्यवहार के कारण पत्रकारिता जगत में उनका विशेष सम्मान था।
स्थानीय पत्रकारों ने उनके निधन को पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बिष्ट के निधन से पत्रकारिता ने एक अनुभवी और समर्पित पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक भी खो दिया है। जमीनी मुद्दों को मजबूती से उठाने और समाज के जरूरतमंद वर्ग की आवाज बनने में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों के प्रति दिलवर सिंह बिष्ट का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
शोक व्यक्त करने वालों में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, पूर्व विधायक मनोज रावत, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, ऐश्वर्या रावत, क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला, नगर पंचायत अध्यक्ष ऊखीमठ कुब्जा धर्म्वाण, अगस्त्यमुनि के राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी, ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी, कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, रीना बिष्ट, प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष त्रिलोक रावत, महामंत्री मदन भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार रमेश उत्तराण्डी, आशा प्रसाद सेमवाल, अनसूया प्रसाद मलासी, हरीश गुसाईं, दीपक बेजवाल, कालिका कांडपाल, भानु भट्ट, लखपत राणा, विपिन सेमवाल, विनोद नौटियाल, लक्ष्मण सिंह नेगी, दिनेश पुरोहित, नीतिन जमलोकी, भगवती शैव और शंभू प्रसाद सहित केदार घाटी के पत्रकार, साहित्यकार, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
