
चमोली की कीवी पहली बार पहुंची दिल्ली की आजादपुर मंडी, 200 कुंतल की खेप रवाना
मिशन कीवी के तहत 800 काश्तकार कर रहे उत्पादन, वर्ष 2026-27 में 60 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में खेती विस्तार का लक्ष्य
गोपेश्वर। चमोली की पहाड़ियों में उत्पादित कीवी अब दिल्ली के बड़े बाजारों तक पहुंचने लगी है। जनपद से पहली बार 200 कुंतल कीवी की खेप दिल्ली की आजादपुर मंडी के लिए रवाना की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने विकास भवन परिसर से हरी झंडी दिखाकर खेप को रवाना किया। इस पहल से स्थानीय काश्तकारों को अपनी उपज के विपणन के लिए बड़े बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
जनपद में मिशन कीवी के तहत करीब 800 काश्तकार 62 हेक्टेयर भूमि पर कीवी का उत्पादन कर रहे हैं। इस वर्ष 500 कुंतल से अधिक उत्पादन हुआ है। अब उद्यान विभाग उत्पादन के साथ विपणन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दे रहा है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजारों पर निर्भर न रहना पड़े।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि उद्यान विभाग के माध्यम से काश्तकारों को कीवी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग और पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही विपणन संबंधी समस्याओं के समाधान के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह ने बताया कि चमोली की कीवी को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। वर्ष 2026-27 में 60 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में कीवी की खेती का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत करीब 400 नए काश्तकारों को कीवी उत्पादन से जोड़ने की योजना है। किसानों को हावर्डस, एलिसन, मॉन्टी, ब्रूनो, एबॉट और लिमोन एलिना सहित विभिन्न प्रजातियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
चमोली की कीवी का दिल्ली की आजादपुर मंडी पहुंचना स्थानीय बागवानों के लिए नए बाजार के अवसर खोल सकता है। उत्पादन, तकनीकी सहयोग, पैकेजिंग और विपणन व्यवस्था को बढ़ावा मिलने से पहाड़ी क्षेत्रों में उद्यानिकी को आजीविका के बेहतर माध्यम के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
