
अमर शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर आंदोलन की शुरुआत, विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दिया समर्थन
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ के उच्चीकरण सहित क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार से तहसील परिसर में शुरू हो गया। आंदोलन शुरू करने से पूर्व आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

धरने के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि ऊखीमठ धार्मिक, पर्यटन और सीमांत दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सुविधाएं जरूरत के अनुरूप विकसित नहीं हो पाई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थानीय आबादी के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की स्वास्थ्य जरूरतें भी निर्भर रहती हैं। ऐसे में केंद्र का उच्चीकरण समय की प्रमुख आवश्यकता है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि ऊखीमठ तहसील के दूरस्थ गांवों के लोगों को गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक स्थिति में उपचार के लिए जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग या अन्य बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। आपात स्थिति में दूरी और सीमित स्वास्थ्य संसाधनों के कारण मरीजों व उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीएचसी के उच्चीकरण से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लंबे समय से मांग उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने शासन-प्रशासन से पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांग पर ठोस और सकारात्मक निर्णय होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना सामूहिक आवश्यकता है और इसके लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होना होगा।
धरने के पहले दिन नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, पूर्व सभासद बलवंत रावत, महिला मंगल दल अध्यक्ष आरती शैव, वन पंचायत सरपंच पवन राणा और छात्र नेता विराट भट्ट धरने पर बैठे।
आंदोलन को जिला पंचायत सदस्य कंडारा अजयवीर भंडारी, पूर्व सदस्य गणेश तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, अंकुर रौथाण, लक्ष्मण रावत, प्रधान गौंडार अनूप पंवार, दैड़ा के प्रेम सिंह नेगी सहित विभिन्न गांवों के महिला मंगल दलों ने समर्थन दिया। इस मौके पर गुरिल्ला संगठन की जिलाध्यक्ष बसंती रावत, सभासद सरला रावत, कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री आनंद सिंह रावत, महेंद्र बर्त्वाल, कर्मवीर कुंवर, कर्मवीर बर्त्वाल, नवदीप नेगी, बलवीर धर्म्वाण, रविंद्र रावत, महिला मंगल दल अध्यक्ष मिथला धर्म्वाण, डॉ. अंजनेश पंवार, भूपेंद्र राणा, प्रताप धर्म्वाण, राजेंद्र धर्म्वाण, महावीर सिंह नेगी, महिपाल बजवाल, मनवर धर्म्वाण, महिपाल सिंह पुष्वाण सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

