
गिरीश चंदोला थराली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली के परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही से मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर में पशुओं के घूमने से मरीजों और तीमारदारों में चिंता है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली तीन विकासखंडों के लोगों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रसव की सुविधा होने के कारण गर्भवती महिलाओं के साथ नवजात भी पहुंचते हैं। इसके अलावा परिसर में दवाइयां और चिकित्सा सामग्री भी रहती है। ऐसे में अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। परिसर की नियमित निगरानी के साथ प्रवेश द्वार पर भी प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सीएमओ ने लिया संज्ञान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव सिंह पॉल ने बताया कि अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं के घूमने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन से मामले की जानकारी ली जा रही है। आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

