
संजय कुंवर आदिबदरी। पौराणिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के आदिबदरी मंदिर समूह को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। क्षेत्रीय जनता और मंदिर प्रबंध समिति की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद बीकेटीसी की उच्चस्तरीय संपत्ति टीम ने आदिबदरी पहुंचकर मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। टीम ने मंदिर की पूजा पद्धति, व्यवस्थाओं, भूमि-संपत्ति, हक-हकूकधारियों और मंदिर से जुड़े धार्मिक आयोजनों समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी जुटाई।

बीकेटीसी के उपाध्यक्ष एवं भूमि-संपत्ति उपसमिति के अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती के नेतृत्व में पहुंची टीम का आदिबदरी मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
आदिबदरी मंदिर समूह को बीकेटीसी में शामिल करने की मांग क्षेत्रीय जनता और मंदिर समिति की ओर से लंबे समय से की जा रही है। इस संबंध में मंदिर प्रबंध समिति और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई का अनुरोध किया था। इसी के क्रम में बीकेटीसी की टीम ने मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं और संपत्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी ली।
12 सितंबर को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि आदिबदरी मंदिर समूह को जनभावनाओं को देखते हुए बीकेटीसी में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को ऋषिकेश में होने वाली बीकेटीसी बोर्ड की बैठक में मंदिर समूह को बीकेटीसी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड बैठक में होने वाले निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मंदिर समिति ने भेंट किया मंदिर समूह का चित्र
बैठक के बाद आदिबदरी मंदिर प्रबंध समिति की ओर से बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती समेत टीम के सदस्यों को आदिबदरी मंदिर समूह का चित्र भेंट किया गया।

इस अवसर पर बीकेटीसी सदस्य दिनेश डोभाल, धीरज पंचभैय्या (मोनू), डॉ. विनीत पोस्ती, अवर अभियंता गिरीश रावत, प्रभारी संपत्ति निरीक्षक कुलदीप बिष्ट, आदिबदरी मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा, कोषाध्यक्ष विजय चमोला, नवीन बहुगुणा, मंदिर के पुजारी, ग्राम प्रधान समेत मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
