
डाॅ. कैलाश पुष्वाण के निधन से स्थगित हुआ देवरिया ताल का जन्माष्टमी मेला, सूना रहा पर्यटन स्थल
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ : रक्षाबंधन पर्व पर सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हुए डाॅ. कैलाश पुष्वाण की स्मृति में इस बार देवरिया ताल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पारंपरिक मेला आयोजित नहीं हुआ। क्षेत्र में शोक के चलते मेला समिति ने आयोजन स्थगित करने का निर्णय लिया। इससे हर वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों से गुलजार रहने वाला देवरिया ताल जन्माष्टमी के दिन सूना नजर आया।
पंच केदार होटल/होम स्टे एसोसिएशन अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य परकण्डी प्रीति पुष्वाण के पति डाॅ. कैलाश पुष्वाण के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को देखते हुए इस बार जन्माष्टमी का उत्सव सादगी के साथ मनाया गया।
हर वर्ष जन्माष्टमी पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आकर्षक झांकियां देवरिया ताल पहुंचती थीं। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों के साथ श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते थे। ढोल-दमाऊं की थाप, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से देर शाम तक देवरिया ताल का वातावरण भक्तिमय बना रहता था। बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय कारोबार को भी गति मिलती थी।
इस बार न झांकियों की रौनक दिखाई दी और न मेले की चहल-पहल। देवरिया ताल महोत्सव समिति के अध्यक्ष नन्दन रावत ने कहा कि डाॅ. कैलाश पुष्वाण का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से उपजे शोक के कारण इस वर्ष मेला स्थगित किया गया।
स्थानीय व्यापारी मनोज नेगी ने कहा कि जन्माष्टमी पर जहां देवरिया ताल उत्सव के रंग में रंगा रहता था, वहीं इस बार पर्यटन स्थल ने शोक की खामोशी ओढ़े रखी। चारों ओर पसरा सन्नाटा डाॅ. कैलाश पुष्वाण की यादों को और गहरा करता रहा।
