
चढ़ावा प्रकरण पर बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति सख्त, 13 जुलाई तक बैठक नहीं हुई तो आंदोलन
समिति बोली- कथित अनियमितता से धाम की छवि और स्थानीय लोगों की प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस
संजय कुंवर, बदरीनाथ। श्री बदरीनाथ धाम में सामने आए कथित चढ़ावा दान अनियमितता प्रकरण को लेकर बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने नाराजगी जताई है। समिति ने कहा कि इस प्रकरण से न केवल भगवान बदरीविशाल के धाम की छवि धूमिल हुई है, बल्कि बदरी पुरी के स्थानीय लोगों और व्यापारियों की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा है। समिति ने बीकेटीसी से 13 जुलाई तक आम बैठक बुलाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बदरीनाथ में आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष राजेश मेहता और पीडी मोल्फा ने कहा कि कथित अनियमितता यदि कुछ कार्मिकों से जुड़ी है तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए, लेकिन इसकी वजह से पूरे धाम की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले से स्थानीय लोगों की छवि भी प्रभावित हुई है।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर बीकेटीसी बोर्ड से चार दिनों के भीतर विशेष बैठक बुलाने की मांग की गई। समिति ने कहा कि इस बैठक में बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति को भी शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय पक्ष भी सामने रखा जा सके।
समिति ने सरकार को सुझाव दिया कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए अलग-अलग मंदिर समितियों का गठन किया जाए। साथ ही दोनों समितियों की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की जाए और हक-हकूकधारियों को भी समिति में उचित प्रतिनिधित्व मिले।
समिति ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी के कुप्रबंधन के कारण धाम की गरिमा को आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यदि 13 जुलाई तक बैठक नहीं बुलाई गई तो बीकेटीसी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी बीकेटीसी की होगी।
