
देहरादून। देहरादून में प्रस्तावित ‘7 मोड़’ सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत करीब चार हजार पेड़ों की संभावित कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवा पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पर्यावरणीय प्रभावों का पुनर्मूल्यांकन कर पेड़ों की कटाई रोकने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल युवा पत्रकार पार्थ रतूड़ी ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना था कि पहाड़ों में सड़क, अस्पताल और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता है, लेकिन विकास के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई उचित नहीं मानी जा सकती। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और राज्य सरकार से मामले में गंभीरता से विचार करने की अपील की।
पत्रकार अभिषेक भट्ट ने कहा कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि पहाड़ों के पर्यावरणीय संतुलन और जल स्रोतों के संरक्षण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होती है तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने सरकार से वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में पत्रकार अजय नेगी, विपिन बरवान और आशुतोष कोठारी सहित अन्य पर्यावरण प्रेमी भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और ऐसी परियोजनाओं में ऐसे विकल्प तलाशे जाने चाहिए, जिनसे पेड़ों की कटाई न्यूनतम हो।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परियोजना की पर्यावरणीय समीक्षा कर जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।
