
एयर एम्बुलेंस के इंतजार में तीन घंटे तक तड़पती रही घायल महिला, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
गोपेश्वर, संवाददाता। चमोली जिले के जैसाल गांव की एक महिला के गंभीर रूप से घायल होने के बाद एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था में हुई देरी ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किए जाने के बावजूद एयर एम्बुलेंस उपलब्ध होने में करीब तीन घंटे का समय लग गया।
जानकारी के अनुसार जैसाल गांव निवासी रीना देवी जंगल में चारा-पत्ती लेने गई थीं। इस दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरी खाई की ओर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने उन्हें किसी तरह खाई से निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।
परिजनों का कहना है कि रेफर किए जाने के बाद भी एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी। इस बीच घायल महिला अस्पताल में उपचाराधीन रही और परिजन लगातार एयर एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था में हो रही देरी को लेकर अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली। इस दौरान कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई।
बाद में महिला को सड़क मार्ग से गोचर हवाई पट्टी पहुंचाया गया, जहां से एयर एम्बुलेंस के जरिए देहरादून भेजा गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर देहरादून या अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना ही बड़ी चुनौती है, ऐसे में एयर एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं में देरी मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने सरकार से जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने तथा एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

