
जसपाल नेगी संवाददाता, पौड़ी : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 10 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को जनपद के सभी सरकारी चिकित्सालयों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। अभियान के तहत जिलेभर में 492 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें सुरक्षित मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।
विकासखंड कोट के आयुष्मान आरोग्य मंदिर जामलाखाल में आयोजित शिविर में गर्भवती महिलाओं का वजन, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और मधुमेह सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, ईजा-बोई शगुन योजना, संस्थागत प्रसव, प्रसव पूर्व तैयारी और संतुलित पोषण की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि 9 जून 2016 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में अभियान के माध्यम से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान, निःशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधाओं के विस्तार और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने बताया कि मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए अभियान प्रभावी साबित हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने और घर वापस लाने के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में सीएचओ मेघा भट्ट, एएनएम प्रेमलता, शशि देवी, लता, आभा और मीनाक्षी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

