
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। तुंगनाथ मंदिर (तृतीय केदार) की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ मक्कूमठ से कैलाश के लिए रवाना हो गई। डोली के प्रस्थान के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहा। महिलाओं ने मांगल गीत गाए, जबकि श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ डोली की अगुवाई की।

ब्रह्म बेला में आचार्यों ने पंचांग पूजन के तहत विशेष अनुष्ठान संपन्न कर भगवान तुंगनाथ सहित तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का आवाहन किया। इसके बाद प्रातः करीब 10 बजे डोली का भव्य श्रृंगार कर आरती उतारी गई। डोली ने मक्कूमठ की परिक्रमा कर कैलाश के लिए प्रस्थान किया। श्रद्धालुओं ने पुष्प, अक्षत और वस्त्र अर्पित कर मनौतियां मांगीं।
डोली यात्रा के दौरान पुढखी तोक में ग्रामीणों ने नए अनाज का भोग अर्पित कर क्षेत्र की खुशहाली और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंच गई।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। 22 अप्रैल को धाम पहुंचने पर वेद मंत्रोच्चार और शुभ लग्न में तुंगनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
इस दौरान केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, खुशहाल सिंह नेगी, आचार्य लम्बोदर प्रसाद मैठाणी, मठापति मुकेश मैठाणी, निवर्तमान मठापति राम प्रसाद मैठाणी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पंच पुरोहित, हक-हकूकधारी और मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

