ऊखीमठ : भगवती कालीमाई का जग्गी बागवान पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भक्तिगीतों से किया स्वागत

Team PahadRaftar

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ : भगवती कालीमाई कालीमठ वाली की ऐतिहासिक देवरा पद यात्रा ने अपने उन्नीसवें दिन पंचगाँई के पाँचवें एवं अंतिम गूंठ गाँव जग्गी बागवान में प्रवेश कर एक नया अध्याय पूर्ण किया। सात दिसंबर से प्रारंभ इस दिव्य यात्रा को गाँव में पहुँचने पर ग्रामवासियों ने परंपरागत अर्घ्य, वाद्यध्वनि और भक्तिगीतों के साथ भव्य स्वागत किया।

श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, ऊखीमठ के मार्गदर्शन में कालीमाई पंचगांई समिति, कालीमठ द्वारा आयोजित इस यात्रा ने अब तक कालीमठ, कविल्ठा, कोटमा, खोनू, चिल्लोंड, जाल मल्ला, चौमासी, जाल तल्ला, रूच्छ महादेव, स्यांसूगढ़, ब्यूंखी, कुणजेठी एवं बेडुला गाँवों के घर-घर में जाकर माता के दर्शन दिए। इस पदयात्रा के दौरान एक ओर जहाँ माँ कालीमाई ने प्रत्येक परिवार की कुशलक्षेम जानी, वहीं ग्रामीणों की व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याओं के समाधान हेतु भी दिव्य सहयोग प्रदान किया। यात्रा दल ने विगत दिनों कुणजेठी गाँव में एक दिवसीय एवं बेडुला गाँव में चतुर्दिवसीय प्रवास किया, जहाँ स्थानीय पंचायत के आतिथ्य में नानुला, थौलीधार माता मंदिर, थाती, तिमला, क्षेत्रपाल मंदिर, मनणीधार, प्राथमिक विद्यालय, तिमली, निवासणी, मालबीटा, वाणा, मत्था गाँव सहित अनेक स्थलों का भ्रमण किया गया। ग्रामवासियों ने पूर्ण श्रद्धा से जौ, तिल, चावल, अन्न, मौसमी फल और पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ माता की आराधना की। अगले पड़ाव जग्गी बागवान में यात्रा दल सर्वप्रथम राजेंद्र सिंह के आवास पर पहुँचा, जहाँ अर्घ्य अर्पित किया गया। इसके पश्चात हैजा मंदिर, मुड़्या इजर, ग्राम का मध्य भाग, द्यूका, जाख, मनणा मंदिर होते हुए यात्रा पंचायत चौक पहुँची, जहाँ ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने मिलकर विधिवत पूजा-अर्चना की। माता ने यहाँ विश्राम किया और सभी भक्तजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर कालीमाई पंचगांई समिति कालीमठ के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने यात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  आह्वान किया कि “यह दिव्य यात्रा केवल कालीमठ या पंचगाँई तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्त देवभूमि के भक्तों की आस्था का प्रतीक है। हम रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, देवप्रयाग, अगस्त्यमुनि सहित समस्त आसपास के क्षेत्रों के सभी भक्तों से आग्रह करते हैं कि वे माँ कालीमाई के आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें। आइए, हम सब मिलकर इस दिव्य परंपरा को और अधिक विस्तृत एवं गौरवशाली बनाएं।

महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने कहा कि इस पदयात्रा ने न केवल आध्यात्मिक एकता को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को सुनकर एक सामुदायिक संवाद का मार्ग भी प्रशस्त किया है। माँ कालीमाई के आशीर्वाद से सम्पन्न हुई यह यात्रा समस्त क्षेत्र के लिए मंगलकारी सिद्ध हो, ऐसी कामना है। इस अवसर पर प्रधान प्रदीप राणा, माधो सिंह राणा, दीपक राणा, देवेंद्र सिंह राणा, अब्बल सिंह राणा, रविन्द्र सिंह राणा, जगत सिंह राणा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख फते सिंह रावत,  शेर सिंह रावत  एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती संगीता देवी रावत,  प्रधान श्रीमती प्रमिला देवी, महिला मंगलदल अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका देवी, नव युवक मंगलदल अध्यक्ष अरविंद सिंह राणा, सरपंच सूरज सिंह राणा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सरोज राणा ,बाजीगर ढोल वादक रमेश लाल, राकेश लाल, राजेंद्र लाल, बलबीर लाल, गिरीश लाल, पंकज लाल, रोशन लाल एवं पांडव काली के पश्वा रमेश लाल,भगवती देवशाली,  योगेंद्र देवशाली,पंडित  कालिका प्रसाद, पुजारी सतीश गौड़, हरीश गौड़, दिनेश गौड़, जयप्रकाश सेमवाल, ऋषिराम भट्ट,दिलवर असवाल, भैरवनाथ क्षेत्रपाल के पश्वा राकेश राणा, कालीमाई के पश्वा मोहन सिंह रावत,माता की डोली/जमाण पर देवरी वीरेंद्र सिंह रावत जग्गी, कुलदीप रावत कविल्ठा, प्रबल सिंह राणा कालीमठ, महेंद्र सिंह राणा बेडुला आदि उपस्थित रहे।

 

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