मांगों को लेकर आयुष चिकित्सकों का ओपीडी बहिष्कार, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गोपेश्वर, केएस असवाल संवाददाता। सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। शनिवार को चमोली जिले के सभी आयुष चिकित्सकों ने पूर्ण दिवस ओपीडी का बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। चिकित्सकों का कहना है कि छह दिनों से चरणबद्ध आंदोलन जारी है, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।

राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन में चिकित्सकों ने कहा कि एसीपी/डीएसीपी का समयबद्ध लाभ, चिकित्सा संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक की नियुक्ति, नवनियुक्त चिकित्साधिकारियों का विनियमितीकरण समेत सात सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
चिकित्सकों ने सरकार के उदासीन रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार छह दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में आंदोलन को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।
संघ के अनुसार प्रांतीय संगठन के आह्वान पर आगामी 15 जून से प्रदेशभर के आयुष चिकित्सक निदेशालय परिसर में एकत्र होकर आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत करेंगे। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
चिकित्सकों ने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आगामी से संबंधित विभागीय तैयारियां और कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।
संघ के मीडिया प्रभारी डॉ. मनीष खंडूरी ने कहा कि कई बार संवाद और मांग पत्र देने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे चिकित्सकों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है तथा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।
