झींझी पुल निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, पीआरडी जवानों की तैनाती का भी फैसला
गोपेश्वर, संवाददाता। निजमुला घाटी की ज्वलंत समस्याओं को लेकर सोमवार को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार के जनता दरबार में जोरदार ढंग से पक्ष रखा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने काली चट्टान भूस्खलन क्षेत्र और झींझी पुल निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तीन दिन के भीतर स्थलीय निरीक्षण करने का भरोसा दिया।

जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बिरही-निजमुला मोटर मार्ग 20 से अधिक गांवों और 12 ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है। मार्ग पर स्थित काली चट्टान क्षेत्र में लंबे समय से भूस्खलन हो रहा है, जिससे क्षेत्र की करीब पांच हजार आबादी प्रभावित हो रही है। आए दिन सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बाधित हो रहा है। एक दिन पूर्व हुई बारिश के कारण भी मार्ग पूरे दिन बंद रहा था।

बैठक में झींझी गधेरे में निर्माणाधीन मोटर पुल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्षों से निर्माणाधीन पुल का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई पोखरी के अधिशासी अभियंता को तत्काल तलब कर प्रगति रिपोर्ट मांगी और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून के दौरान झींझी बाईपास मार्ग को सुचारु रखने के भी निर्देश जारी किए, ताकि पाणा, ईराणी, भनाली और बोना क्षेत्र के लोगों का आवागमन प्रभावित न हो।
जनता दरबार में पूर्व ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी, भरत सिंह राणा, बृज कुमार, महेंद्र नेगी, ग्राम प्रधान सुनीता देवी, मंदोदरी देवी, दीपा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सीमा नेगी, करण सिंह फर्स्वाण, वीरेंद्र फर्स्वाण सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के निर्देशों के बाद दोनों मामलों में जल्द ठोस कार्रवाई होगी।
