
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर डीएम सख्त, अफसरों को लगाई फटकार
संजय कुंवर गोपेश्वर : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर बढ़ती लंबित शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मंगलवार को अधिकारियों की जमकर क्लास ली। समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि सबसे ज्यादा 38 शिकायतें लोक निर्माण विभाग में लंबित हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग में 28, वन विभाग में 12, पुलिस विभाग में 11 तथा ग्राम्य विकास और सिंचाई विभाग में 10-10 शिकायतें पेंडिंग चल रही हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विशेष तौर पर उन मामलों पर गंभीरता बरतने को कहा जिन्हें “डिमांड में कन्वर्ट” या “फोर्स क्लोज” किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
डीएम ने राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों पर उपजिलाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग को सड़क और निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को कहा।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा करने, शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने और फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। साथ ही अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन मोबाइल ऐप डाउनलोड कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में वर्तमान में कुल 192 शिकायतें लंबित हैं। इनमें 129 शिकायतें एल-1 स्तर, 30 एल-2, 11 एल-3 और 22 शिकायतें एल-4 स्तर पर लंबित हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीकांत पुरोहित समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

