
पूर्व विधायक डॉ. जीतराम ने दिया समर्थन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने की उठी मांग
गिरीश चंदोला
नारायणबगड़ (चमोली)। नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार की मांग को लेकर दो युवा क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। स्थायी चिकित्सकों की नियुक्ति, महिला चिकित्सक की तैनाती, पर्याप्त बेड और बुनियादी सुविधाओं सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को अब स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। धरनास्थल पर व्यापारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता जुटकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।
शुक्रवार को पूर्व कांग्रेस विधायक डॉ. जीतराम, चोपता की ग्राम प्रधान उषा रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण रावत ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को जायज बताते हुए सरकार से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। स्थानीय लोगों ने भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण कर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवाज उठाई।
धरने पर बैठे नीरज नेगी और विपिन परिहार ने कहा कि नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसपास के दूरस्थ गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन यहां स्थायी चिकित्सकों की तैनाती तक नहीं है। महिला चिकित्सक, पर्याप्त बेड और अन्य जरूरी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
पूर्व विधायक डॉ. जीतराम ने कहा कि क्षेत्र में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण करने और आंदोलनकारियों की पांच सूत्रीय मांगों का जल्द निस्तारण करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि लोगों को सामान्य उपचार के लिए भी भटकना न पड़े। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर कब तक कार्रवाई करता है।
