विश्व धरोहर वैली ऑफ फ्लावर्स बनी प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद, पार्क को 18.49 लाख रुपये की आय
संजय कुंवर पहाड़ रफ्तार समाचार
यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी (वैली ऑफ फ्लावर्स) राष्ट्रीय पार्क इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ पर्यटकों की आमद से गुलजार है। उच्च हिमालयी भ्यूंडार घाटी में खिले दुर्लभ अल्पाइन फूलों की रंग-बिरंगी छटा देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रही है। सीजन के महज 40 दिनों में ही घाटी ने पर्यटकों की संख्या और राजस्व, दोनों के मामले में नया रिकॉर्ड बना दिया है।
एक जून से 10 जुलाई 2026 तक 10,185 पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचे। इनमें 10,141 भारतीय और 44 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद से पार्क प्रशासन को अब तक 18 लाख 49 हजार 550 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
पिछले वर्ष इसी अवधि तक घाटी में केवल 5,172 पर्यटक पहुंचे थे, जिनमें 5,075 भारतीय और 97 विदेशी पर्यटक शामिल थे। उस समय पार्क प्रशासन को 10 लाख 47 हजार 800 रुपये की आय हुई थी। इस तरह इस वर्ष पर्यटकों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि जुलाई और अगस्त फूलों के खिलने का पीक सीजन होता है। इसी दौरान घाटी अपनी सबसे मनमोहक छटा बिखेरती है, जिससे पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ती है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं और घाटी में नियमित गश्त भी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम अनुकूल रहने पर इस बार फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ सकती है। इससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय, होटल, होमस्टे और घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है।

