बदरीनाथ चढ़ावा विवाद : गिरफ्तारी की आहट, हाईकोर्ट की शरण में जा सकते हैं प्रमोद नौटियाल !

Team PahadRaftar

मोबाइल लगातार स्विच ऑफ, पुलिस और जांच समिति ने तेज की पड़ताल; एक लैपटॉप की तलाश जारी

गिरीश चंदोला गोपेश्वर/चमोली। श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी और गबन मामले में निलंबित बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी की आशंका के बीच प्रमोद नौटियाल अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक न तो अदालत में याचिका दाखिल होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही उनके पक्ष की ओर से कोई बयान सामने आया है।

इधर, पुलिस और शासन की ओर से गठित जांच समिति ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस एफआईआर के आधार पर साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि जांच समिति वित्तीय अभिलेखों, दस्तावेजों और मंदिर समिति की संपत्तियों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कथित वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड ने बताया कि निलंबन के बाद से प्रमोद नौटियाल कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उनसे संपर्क करने के लगातार प्रयास किए गए, लेकिन उनका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रमोद ने अवकाश का आवेदन दिया था, जिसे स्वीकृत नहीं किया गया था।

जांच के दौरान मंदिर समिति की संपत्तियों का भी मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार बदरीनाथ में दर्ज दो एंबुलेंस में से एक को मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रप्रयाग को हस्तांतरित किया जा चुका है, जबकि दूसरी एंबुलेंस वर्ष 2016 में निष्प्रयोज्य घोषित कर दी गई थी और उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है।

समिति के 12 लैपटॉप का भी सत्यापन किया गया है। अब तक 11 लैपटॉप का पता चल चुका है, जबकि एक लैपटॉप अभी भी गायब है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि वह लैपटॉप किसके कब्जे में है और उसमें मौजूद रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति क्या है।

उधर, पुलिस प्रमोद नौटियाल के संभावित ठिकानों और उनके संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ कर रही है। यदि उन्हें अदालत से कोई राहत नहीं मिलती है तो पुलिस गिरफ्तारी सहित आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में अब पूरे मामले में हाईकोर्ट की संभावित सुनवाई और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 

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