
वनाग्नि रोकथाम को लेकर अलर्ट मोड में वन विभाग
वन संरक्षक डॉ. विनय भार्गव ने चमोली में तैयारियों का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
संवाददाता, चमोली : प्रदेश में बढ़ती वनाग्नि घटनाओं के बीच वन विभाग अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। मंगलवार को वन संरक्षक एवं नोडल फायर डॉ. विनय भार्गव ने चमोली पहुंचकर वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न वन प्रभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर वनाग्नि रोकथाम को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
धनपुर स्थित वन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में डॉ. भार्गव ने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण में जुटे फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, संचार साधन और बेहतर समन्वय व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बदरीनाथ वन प्रभाग, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में पिछले वर्षों में हुई वनाग्नि घटनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पिछले तीन वर्षों के फायर रिकॉर्ड, फायर प्लान के तहत मिले बजट, हाल के फायर अलर्ट और नियंत्रण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
वन संरक्षक ने निर्देश दिए कि फायर अलर्ट मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वनाग्नि नियंत्रण एवं रोकथाम में विभागीय उपस्थिति जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए।
फायर क्रू स्टेशनों का किया निरीक्षण
बैठक के बाद डॉ. विनय भार्गव ने जिले के विभिन्न फायर क्रू स्टेशनों और वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन उपकरणों, संचार व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की जांच की गई। उन्होंने फायर वॉचर्स और फील्ड स्टाफ से बातचीत कर जमीनी चुनौतियों की जानकारी भी ली।
दिवंगत फायर वॉचर को दी श्रद्धांजलि
इस दौरान 20 मई को चमोली में हुई वनाग्नि घटना के स्थल का भी निरीक्षण किया गया। मौके पर वनाग्नि नियंत्रण के दौरान जान गंवाने वाले फायर वॉचर राजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रियंका सुंडली, उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोड़ा, जुगल किशोर और वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
