
पत्रकार सुरक्षा और पेंशन की मांग पर गरजे पत्रकार
‘मार्तंड उत्सव 2026’ में मुकदमों और सुरक्षा कानून का मुद्दा उठा
देहरादून। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दून विश्वविद्यालय में आयोजित ‘मार्तंड उत्सव 2026’ में पत्रकारों की सुरक्षा, पेंशन और उन पर दर्ज हो रहे मुकदमों का मुद्दा प्रमुखता से गूंजा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए पत्रकार हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी विद्या चेतन्य, जस्टिस रंजन टंडन, राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पांडे, संस्थापक शाहनवाज हसन सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में आकर्षण जोड़ा।

प्रदेश महामंत्री राजीव थपलियाल ने पत्रकारों की समस्याओं को मुखरता से उठाते हुए कहा कि नेताओं को सुरक्षा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन पत्रकारों को छोटी-छोटी बातों पर मुकदमों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी को मांगपत्र सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने और पत्रकारों के हितों से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि पत्रकारों की समस्याएं गंभीर हैं और सरकार तक उनकी बात मजबूती से पहुंचाई जाएगी। उन्होंने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।
जस्टिस रंजन टंडन ने कहा कि पत्रकार विषम परिस्थितियों में भी समाजहित में कार्य करते हैं और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका अहम है। वहीं महामंडलेश्वर स्वामी विद्या चेतन्य ने मीडिया को समाज का दर्पण बताते हुए निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना की।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी पत्रकारों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को ‘श्रम श्री सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

