
सरकारी दफ्तरों में संस्कृत में भी लगेंगी नाम पट्टिकाएं
सचिव दीपक कुमार ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, जनगणना कार्य समय से पहले पूरा करने को कहा
चमोली : सचिव दीपक कुमार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी कार्यालयों में हिंदी के साथ संस्कृत भाषा में भी नाम पट्टिकाएं लगाने के निर्देश दिए।
सचिव दीपक कुमार ने कहा कि संस्कृत उत्तराखंड की दूसरी राजभाषा है और इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी विभागों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उन्होंने जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा से एक सप्ताह पहले कार्य पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को गांवों में भ्रमण और रात्रि विश्राम कर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान सचिव ने शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पर्यटन विभाग की समीक्षा में सचिव ने होम स्टे योजना को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आधारित योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बैठक में वन विभाग को जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं जल जीवन मिशन, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को लंबित योजनाओं में तेजी लाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
