
नारायणबगड़ में नारेबाजी कर सदन से बाहर निकले प्रधान, मांगें नहीं मानी तो विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
गिरीश चंदोला नारायणबगड़। विकासखंड नारायणबगड़ में शुक्रवार को आयोजित क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर विरोध जताया। मांगों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्राम प्रधान प्रधान संघ अध्यक्ष योगेंद्र सिंह खत्री के नेतृत्व में बैठक का बहिष्कार कर नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने के साथ ही उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और ग्राम प्रधानों के बीच मांगों को लेकर तीखी बहस हुई। ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने प्रधानों को समझाने और समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के समक्ष बार-बार समस्याएं उठाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मानदेय बढ़ाने और मजदूरी में वृद्धि की मांग
ग्राम प्रधानों ने मासिक मानदेय बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने, ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में शामिल होने वाले वार्ड सदस्यों को मानदेय देने और मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने की भी मांग की।
प्रधानों ने राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि बढ़ाने के साथ ही बजट का आवंटन जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर करने पर जोर दिया।
ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने की मांग
ग्राम प्रधानों ने विधायक और सांसद निधि की तर्ज पर ग्राम प्रधान निधि गठित करने तथा 10 लाख रुपये तक के विकास कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने की मांग की। उन्होंने पंचायत राज अधिनियम के तहत 29 विभागों के अधिकार और कार्य ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की भी पैरवी की।
इसके अलावा जिला योजना के निर्माण में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधान संगठन की भागीदारी सुनिश्चित करने, ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
ग्राम प्रधानों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि शासन-प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान किमोली के प्रधान सुरेंद्र लाल, सीरी के प्रधान एवं जिला सचिव भगवती प्रसाद सती, पंती की प्रधान बीना नेगी, सचिव दलवीर आर्या, मंजू देवी, मीना देवी, विपिन मनोड़ी, दिगपाल राम, जयवीर सिंह, भरत नेगी, उर्मिला कंडारी और देवेंद्र कोहली सहित अन्य ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
