ओंकारेश्वर मंदिर में तीन दिन तक दिखेगी आस्था और लोक संस्कृति की झलक, अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण की अध्यक्षता में हुई बैठक
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचने के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। 18 से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए नगर पंचायत और मेला समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मेले की तैयारियों को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं मेला अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें मेले की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आयोजन को आकर्षक बनाने को लेकर चर्चा हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और मेला समिति के सदस्यों ने अपने सुझाव रखे। साथ ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली का ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचना क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस अवसर पर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना के साथ मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी रहती है।
लोक संस्कृति और स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच
मेला समिति की ओर से धार्मिक आयोजनों के साथ क्षेत्र की लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने की तैयारी है। आयोजन के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
बैठक में व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, मेला सचिव प्रकाश रावत, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत, राजेंद्र धर्म्वाण, रविंद्र पुष्वाण, दिनेश तिवारी, ग्राम प्रधान मनवर नेगी, पूर्व प्रधान संदीप पुष्वाण, जगदीश लाल, धर्मेंद्र तिवारी, रेखा रावत, साक्षी नेगी, रोहन धर्म्वाण, मनवर धर्म्वाण, प्रताप धर्म्वाण और दलवीर रावत सहित मेला समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

