संजय कुंवर
ज्योर्तिमठ : नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व के तत्वाधान में औषधीय एवं सगन्ध पौधों पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम।

एनडीबीआर के तत्वावधान में औषधीय एवं सगंध पौधों (Medicinal and Aromatic Plants – MAPs) पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फील्ड स्टाफ एवं स्थानीय समुदायों को औषधीय एवं सगंध पौधों की पहचान, संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण तथा विपणन संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) अभिमन्यु, उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) श्रीमती सुमन, रेंज अधिकारी गौरव नेगी सहित एनडीबीआर के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उर्गम, भर्की,भेटा,थेंग,सालूर सहित विभिन्न सीमांत ग्रामों से आए कृषकों एवं प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों द्वारा सी-बकथॉर्न (बद्रीफल) से जूस, स्क्वैश, जैम, तेल एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण की व्यावहारिक विधियों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से प्रसंस्करण तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विशेषज्ञ वक्ता डॉ. विजय भट्ट (सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक, HRDI) एवं डॉ. विजय लक्ष्मी, सहायक प्राध्यापक, HAPPRC, गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा औषधीय एवं सगंध पौधों की पहचान, वैज्ञानिक खेती, संरक्षण, मूल्य संवर्धन तथा विपणन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सी-बकथॉर्न जैसे उच्च मूल्य वाले पौधों की आर्थिक उपयोगिता एवं स्थानीय आजीविका सृजन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में इस प्रकार के क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
