
गौचर मेले की समितियों में फेरबदल, विवादित नाम हटाकर नए सदस्य जोड़े
विधायक अनिल नौटियाल बोले—समितियों में नाम बढ़ाने के बजाय काम पर दें ध्यान, सांस्कृतिक संध्या में चमोली के कलाकारों को दो दिन मंच देने की मांग
केएस असवाल
गौचर। 14 नवंबर से शुरू होने वाले गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। मंगलवार को आयोजित दूसरी बैठक में मेला संचालन के लिए गठित विभिन्न समितियों में संशोधन करते हुए विवादित नामों को हटाकर नए सदस्यों को शामिल किया गया। बैठक में मेले को भव्य और व्यवस्थित बनाने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर दिया गया।
उप जिलाधिकारी एवं मेला अधिकारी अलकेश नौडियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य अतिथि कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि समितियों में नाम जोड़ने से अधिक जरूरी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन करना है। गौचर मेले का सफल आयोजन सामूहिक सहयोग से ही संभव है। उन्होंने मेले में पहाड़ की प्रतिभाओं को पर्याप्त मंच देने की आवश्यकता भी जताई।
नगर पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी ने सांस्कृतिक संध्या में कम से कम दो दिन चमोली जिले के कलाकारों को अवसर देने की मांग की। मेला अधिकारी अलकेश नौडियाल ने कहा कि बैठक में मिले सुझावों पर विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पत्रकार लक्ष्मी कुमेड़ी ने मेले में आयोजित होने वाले शिक्षाप्रद कार्यक्रमों की जानकारी समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से सार्वजनिक करने तथा पत्रकारों का सम्मान बंद कमरे के बजाय मेला मंच पर करने का सुझाव दिया। लोक कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार ने मंच संचालन से अर्जुन नेगी का नाम हटाए जाने पर आपत्ति जताते हुए उन्हें दोबारा शामिल करने की मांग की।
हरीश नयाल ने मेले के दौरान रेलवे निर्माण में लगे ट्रकों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया, ताकि जाम की समस्या से राहत मिल सके। वहीं, शिवचरण बिष्ट ने स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए गौचर से बाहर के निर्णायकों को बुलाने की मांग की।
बैठक में नगर पालिका कर्णप्रयाग के अध्यक्ष गणेश शाह, जिला पंचायत सदस्य रेखा बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, ब्लॉक प्रमुख दीपिका मैखुरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी त्रिवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।
