
औली के अनुभवी स्की खिलाड़ी को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी, तीन दशक से शीतकालीन खेलों में सक्रिय
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ (चमोली)। उत्तराखंड के शीतकालीन खेलों से जुड़े विवेक पवार को स्की एंड स्नोबोर्ड इंडिया की चयन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। करीब तीन दशक से स्कीइंग और शीतकालीन खेलों में सक्रिय पवार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी नियुक्ति को प्रदेश के शीतकालीन खेल जगत के लिए अहम माना जा रहा है।
विवेक पवार ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और विंटर नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करते हुए कई पदक जीते हैं। यूरोप और मध्य पूर्व में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी वह हिस्सा लेते रहे हैं।
खेल मैदान में लंबे अनुभव के बाद पवार पिछले आठ से दस वर्षों से खेल प्रशासन और खिलाड़ियों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय हैं। वह चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष अवसर और खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देने की पैरवी करते रहे हैं। राष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिताओं में तकनीकी सदस्य के रूप में भी उन्होंने सेवाएं दी हैं। औली में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ दक्षिण एशियाई खेलों में भी उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञ के तौर पर योगदान दिया।
स्थानीय युवाओं को स्कीइंग से जोड़ने की पहल
विवेक पवार उत्तराखंड स्की एंड स्नोबोर्ड एसोसिएशन से जुड़े हैं। औली और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय बच्चों को शीतकालीन खेलों से जोड़ने के लिए वह निशुल्क स्कीइंग प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित कराते रहे हैं। उनका प्रयास है कि पहाड़ी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिले।
स्कीइंग के अलावा पवार पर्वतारोहण, रॉक क्लाइंबिंग और राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं। वह एडवेंचर एसोसिएशन चमोली के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं और पर्वतीय क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं।
स्की एंड स्नोबोर्ड इंडिया की चयन समिति में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे अपने अनुभव और तकनीकी समझ के जरिए खिलाड़ियों के चयन तथा शीतकालीन खेलों के विकास में योगदान देने की अपेक्षा की जा रही है। उनकी नियुक्ति से उत्तराखंड की शीतकालीन खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

