चमोली : महिलाओं के अधिकार को मज़बूत करने के लिए कार्यशाला आयोजित

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महिलाओं के अधिकार को मज़बूत करने के लिए कार्यशाला आयोजित 

रघुबीर सिंह नेगी ज्योर्तिमठ 

बुधवार को नगरपालिका सभागार जोशीमठ में वसुधा विकास संस्थान द्वारा जोशीमठ विकास खंड में गठित सामुदायिक आधारित संगठनों (CBOs) के सदस्यों के साथ  क्षेत्रीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लैंगिक मुख्यधारा और महिलाओं के अधिकारों एवं हक-हकूक के लिए नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे संवेदनशील और अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर रही।

बैठक की शुरुआत समुदाय में लैंगिक असमानताओं के वास्तविक अनुभवों और महिलाओं द्वारा झेली जा रही चुनौतियों को समझने से हुई। लैंगिक समानता की अवधारणा को सरल और जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर, सम्मान, भागीदारी और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलना ही लैंगिक समानता का वास्तविक स्वरूप है। महिलाओं के अधिकार, सरकारी योजनाएँ, कानूनी संरक्षण और परिवार व समाज में उनकी भागीदारी जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई ताकि CBO के सदस्य स्वयं इन विषयों को समझें और अपने समुदाय तक जानकारी पहुँचा सकें।

सत्र के दौरान DLSA (District Legal Services Authority) के पैरा-लीगल वॉलंटियर्स दीपा देवी व ममता देवी ने उपस्थित प्रतिभागियों को बताया गया कि PLVs समुदाय और न्याय प्रणाली के बीच सेतु की तरह कार्य करते हैं। वे लोगों को कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करते हैं, महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों को न्याय तक पहुँचने में सहायता देते हैं, घरेलू हिंसा जैसे मामलों में मार्गदर्शन करते हैं, और कानूनी सेवाओं, योजनाओं तथा राहत तंत्र से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। यह जानकारी CBO सदस्यों के लिए अत्यंत उपयोगी रही क्योंकि उन्हें समुदाय में महिला अधिकारों के मुद्दों पर अक्सर हस्तक्षेप करना पड़ता है। बैठक के दौरान प्रतिभागियों को लैंगिक समानता को परिवार, समुदाय के स्तर पर लागू करने के तरीकों पर भी  किया गया। यह स्पष्ट किया गया कि नीतियाँ तभी सफल होती हैं जब समुदाय  समझे और उन्हें व्यवहार में अपनाए। महिलाओं के अधिकारो जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, संपत्ति अधिकार, सुरक्षा, निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और सरकारी योजनाओं तक पहुँच—पर भी चर्चा की गयी। साथ ही CBOs  अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं की आवाज़ बन सकते हैं और स्थानीय समस्याओं को प्रशासन तक पहुँचाकर समाधान सुनिश्चित कर सकते हैं। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। अंत में सभी ने यह कहा कि वे अपने समुदायों में लैंगिक न्याय, समानता और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँगे। बैठक में वसुधा विकास संस्थान माउंटेन रीजन उत्तराखंड/हिमाचल के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर, सोशियल मोबिलइजर कलावती शाह व वीरेंद्र लाल सहित सामुदायिक संघठनों के 29 लोंगो ने भागीदारी की।

 

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