लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : श्री केदारघाटी श्रद्धालु सेवा समिति ने जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर आगामी यात्रा सीजन में गौरीकुंड- केदारनाथ पैदल मार्ग पर संचालित दुकानों को पूर्व की भांति संचालित करने तथा आगामी यात्राकाल के लिए दुकानों का आवंटन पूर्व की भांति तहसील ऊखीमठ से किये जाने की मांग की है।

जिलाकारी को सौंपे ज्ञापन का हवाला देते हुए केदारघाटी श्रद्धांलु सेवा समिति के अध्यक्ष सन्दीप पुष्वाण ने बताया कि विगत वर्ष आप्रेशन सिन्दूर के कारण केदारधाम की यात्रा काफी प्रभावित हुई थी तथा यात्रा शुरू होते ही सोनप्रयाग , गौरीकुंड में दर्जनों घोड़े – खच्चर अज्ञात बीमारी की चपेट में आने के कारण पैदल मार्ग पर व्यवसाय कर रहे व्यापारियों का व्यवसाय खासा प्रभावित हो गया था। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि यात्राकाल के दौरान गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर संचालित दुकानदारों को विद्युत विभाग द्वारा आवंटित विधुत कनेक्शनो की रसीद दी जाय जिससे ऊर्जा निगम को यात्राकाल के दौरान राजस्व प्राप्त हो सके तथा उपभोक्ताओ को जमा राशि वापस लेने में सुविधा मिल सके।
गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्राकाल के दौरान माल ढुलाई के लिए न्यूनतम दर पर खच्चरों की सुविधा उपलब्ध कराई जाय। गौरीकुंड- केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्राकाल के दौरान नेपाली व जनपद के बाहरी व्यक्तियों को दुकानें व होटल व्यवसाय संचालित करने की अनुमति न दी जाय। भीमबली – गरूण चट्टी – केदारनाथ नव निर्मित पैदल मार्ग पर विधुत ,शौचालय, पेयजल व प्रतिक्षालयों की सुविधा न होने के कारण आगामी यात्रा को गौरीकुंड – रामबाडा – लिनचोली – छानी कैम्प- केदारनाथ पैदल मार्ग से संचालित की जाय , 31 जुलाई 2024 को पैदल मार्ग पर 120 छूटे आपदा प्रभावित दुकानदारों को मुआवजा देने की मांग की ।
ज्ञापन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलवीर रौथाण, कोषाध्यक्ष प्रह्लाद राणा , सचिव सुषमा , मीडिया प्रभारी प्रह्लाद कोटवाल, संरक्षक यशपाल पंवार, गोपाल बर्त्वाल, सुशील पुष्वाण, चन्द्र सिह नेगी , सुरेश तगवाण, चन्द्र मोहन चौहान, अनूप राणा सहित तीन दर्जन से अधिक व्यापारियो के हस्ताक्षर मौजूद थे।
