
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : केदारघाटी सहित विभिन्न इलाकों में विगत दो दिनो से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों के जल स्तर पर निरन्तर वृद्धि होने से नदी किनारों बसे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। मूसलाधार बारिश के कारण जगह – जगह भूस्खलन होने से आधा दर्जन से अधिक मकाने व गौशालाएं खतरे की जद में आ गये हैं तथा पैदल सम्पर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
भूस्खलन के कारण काश्तकारों की कई हेक्टेयर सिंचित व असिंचित भूमि व फसलें आपदा की भेंट चढ गयी है। मूसलाधार बारिश के कारण मदमहेश्वर, तुंगनाथ व कार्तिक स्वामी धामों की यात्रा में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। कुण्ड – चोपता – गोपेश्वर नेशनल हाईवे ताला व मस्तूरा में जानलेवा बना हुआ है जबकि ऊखीमठ- पैज – करोखी मोटर मार्ग पर कुछ स्थानों पर सुरक्षा दीवाले क्षतिग्रस्त होने से मोटर मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। मूसलाधार बारिश के कारण हिमालयी क्षेत्रो के तापमान मे हल्की गिरावट महसूस होने लगी है । जानकारी देते हुए निर्वतमान क्षेत्र पंचायत सदस्य घिमतोली अर्जुन नेगी ने बताया कि ग्वास गाँव के गदराखेत तोक के निचले हिस्से मे भूस्खलन होने से आधा दर्जन मकानो व गौशालाओं को खतरा बना हुआ है तथा पैदल सम्पर्क मार्गो के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवाजाही करने मे भारी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है । उन्होने बताया कि यदि गदरा खेत तोक के निचले हिस्से मे भूस्खलन का क्रम जारी रहता है तो आधा दर्जन परिवारों की मुश्किलें बढ सकती है । निवर्तमान प्रधान पाली – सरूणा प्रेमलता पन्त ने बताया कि मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों के जल स्तर पर निरन्तर वृद्धि देखने को मिल रही है। स्थानीय व्यापारी महेश बर्त्वाल ने बताया कि ऊखीमठ – पैज – करोखी मोटर मार्ग पर कुछ स्थानों पर पुश्तों के क्षतिग्रस्त होने से मोटर मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। निवर्तमान प्रधान उषाडा कुवर सिंह बजवाल ने बताया कि कुण्ड – चोपता – गोपेश्वर नेशनल हाईवे पर ताला व मस्तूरा तोकों में सफर करना जोखिम भरा हो गया है ।

