
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : विकासखंड ऊखीमठ में नवनिर्वाचित ग्राम पंचायत प्रधानों के शपथ ग्रहण के बाद भी 33 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों के मानक पूरे न होने से प्रशासकों का कार्यकाल फिर बढ़ सकता है। निर्वाचन आयोग द्वारा दोबारा आदर्श आचार संहिता लगने व ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा होने के बाद ही उन ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को विधिवत कार्य भार मिल सकता है तथा ग्राम पंचायत का कोरम पूरा होने के बाद ही नवनिर्वाचित प्रधान प्रधानों को कार्यभार मिलने के बाद ही गांवो में विकास को गति मिल सकती है।
विकासखंड ऊखीमठ की बात करे तो 66 ग्राम पंचायतों में से 33 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों के कोरम पूरा न होने के कारण उन ग्राम पंचायतों को असंगठित की श्रेणी में रखा गया है। पूरे विकासखंड मे 66 ग्राम पंचायत में 486 ग्राम पंचायत सदस्यों में से मात्र 265 ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है जबकि 33 ग्राम पंचायतों में 221 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रहने से उन ग्राम पंचायतों में प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ सकता है।
बता दें कि पूरे विकासखंड मे 66 ग्राम पंचायतों में 12 ग्राम पंचायत प्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए थे तथा 54 ग्राम पंचायत प्रधानों की घोषणा विगत 31 अगस्त को मतगणना के बाद होने के बाद भी 33 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम अभी भी अधूरा है । विकासखंड से मिली जानकारी के अनुसार अद्रवाणी , कुणजेठी, किमाणा , कोटमा , खुमेरा , गडगू , गौण्डार, चौमासी , जग्गी बगवान , डुगर सेमला , त्यूडी , तोषी , देवलीभणिग्राम , पठाली ,परकण्डी , पावजगपुडा , पैलिग, फलीफसालत, बडासू , बणसू, बरंगाली, बुरूवा, ब्यूखी , ब्यूग , बेडूला , भीगी , मक्कू ,मनसूना, मैखण्डा , रविग्राम , ल्वारा , स्यासू व हूडडू ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों का कोरम पूरा न होने से इन्हे ग्राम पंचायतों को असंगठित ग्राम पंचायतों की श्रेणी में रखा गया है तथा इन ग्राम पंचायतों में पूर्व में तैनात प्रशासकों कार्यकाल फिर बढ़ सकता है।

