संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : जिले में लगातार भालूओं के आतंक से लोग दहशत में हैं। निदेशक / वन संरक्षक एनडीबीआर गोपेश्वर ने सीमांत थैंग गांव में मानव – भालू संघर्ष रोकथाम को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक।

बुधवार को निदेशक/ वन संरक्षक नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व गोपेश्वर द्वारा ज्योर्तिमठ विकासखंड के दूरस्थ थैंग गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर पहाड़ों में बढ़ते मानव – भालू संघर्ष को लेकर बैठक कर लोगों को जागरूक किया किया गया। बैठक के दौरान ग्रामवासियों द्वारा गाँव में गश्त बढ़ाने, गोशाला सुरक्षा सुनिश्चित करने, मानव सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने तथा जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग रखी गई।
निदेशक ने दिए निर्देश
ग्रामीणों की मांग के अनुरूप पक्की गोशाला निर्माण मनरेगा या अन्य योजनाओं के माध्यम से विभागीय सामंजस्य स्थापित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
फसल सुरक्षा हेतु कृषि, उद्यान, मनरेगा एवं वन विभाग के साझा सहयोग से संयुक्त फेंसिंग प्रोजेक्ट तैयार किया जाए।
• क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए तथा ग्रामीणों के सहयोग से श्रमदान द्वारा झाड़ी कटान कार्य किया जाए।
• संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे रात्रिकालीन सुरक्षा बढ़ सके।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी ज्योतिर्मठ गौरव नेगी, अनुभाग अधिकारी देव चंद, वन आरक्षी चंद्रमोहन, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि श्री धन सिंह नेगी, वन पंचायत सरपंच सहित स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
