बारिश भी नहीं डिगा पाई आस्था : अलकनंदा तट पर माता चण्डिका के समुद्र मंथन में उमड़ा जनसैलाब
7 माह की दिवारा यात्रा के बाद भव्य आयोजन, देवासुर संग्राम और 14 रत्नों का मंचन बना आकर्षण
केएस असवाल
गौचर / चमोली : जनपद चमोली के पोखरी विकासखंड अंतर्गत जिलासू क्षेत्र के 27 गांव की आराध्य देवी माता चण्डिका की लगभग सात माह लंबी दिवारा यात्रा के उपरांत सिवाई अलकनंदा तट पर समुद्र मंथन का भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। भारी बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और दूर-दूर से भक्त कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे।

कार्यक्रम के दौरान देवासुर संग्राम के पश्चात समुद्र मंथन से निकले 14 रत्नों के वितरण का सजीव और आकर्षक मंचन किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। माता चण्डिका के जयकारों से अलकनंदा तट गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

चण्डिका माता दिवारा समिति के सचिव ईश्वर राणा ने बताया कि 2 अक्टूबर 2025 को माता चण्डिका दिवारा यात्रा पर निकली थीं और सात माह के भ्रमण के बाद यह विशेष आयोजन किया गया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
वहीं माता चण्डिका के ब्रह्मगुरु हरिबल्लभ सती ने बताया कि इस आयोजन के बाद देवी एक माह और भ्रमण करेंगी, जिसके पश्चात बन्याथ कार्यक्रम आयोजित होगा।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्रीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने का भी सशक्त माध्यम साबित हुआ।
