पुस्तकें मन के अंधकार को आलोकित करती हैं : प्रोफेसर प्रीति कुमारी
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ : जिस तरह सूर्य धरती के भौतिक अंधकार को दूर करता है और धरती पर जड़ चेतन अस्तित्व के लिए जीवन और पोषण की संभावनाएं उत्पन्न करता है उसी तरह पुस्तकें इस विश्व के मानसिक संरचना का निर्माण करती हैं, इसलिए अज्ञान के विरुद्ध प्रत्येक युद्ध में दुनिया की प्रत्येक पुस्तक एक अचूक अस्त्र हैं।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने उपरोक्त शब्द महाविद्यालय परिसर में आयोजित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय केंद्र की ओर से लगाये गए निःशुल्क पुस्तक वितरण कार्यक्रम के दौरान कहे। केंद्र के समन्वयक डॉ. नंदन सिंह रावत ने कहा मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव के कारण पुस्तकें पढ़ने का चलन कम हो रहा है इसलिए भी पुस्तकों की संस्कृति को समाज के पास पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जोशीमठ महाविद्यालय का यह केंद्र क्षेत्र में दूरस्थ शिक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण विकल्प है और इसका भरपूर लाभ स्थानीय लोगों को उठाना चाहिए। आयोजन में बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र – छात्राओं सहित नगर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने निःशुल्क पुस्तक वितरण का लाभ लेते हुए अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर पुस्तकें प्राप्त की।
