ज्योतिर्मठ, घांघरिया और सुराईथोटा में हुए कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने निकाली रैली
संजय कुंवर, ज्योतिर्मठ। विश्व हिम तेंदुआ दिवस पर नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान वन प्रभाग की ओर से ज्योतिर्मठ और फूलों की घाटी क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों, वनकर्मियों, बीआरओ के अधिकारियों-जवानों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को हिम तेंदुए के संरक्षण और उसके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

ज्योतिर्मठ के एमजी इंटर कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता और जागरूकता रैली आयोजित की गई। विद्यार्थियों को हिम तेंदुए की जीवनशैली, आवास और संरक्षण की चुनौतियों की जानकारी दी गई। रैली के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया गया।
सुराईथोटा में बीआरओ की 123वीं इकाई के अधिकारियों और जवानों तथा रामपुर मंडी से आए वन आरक्षी प्रशिक्षुओं के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें हिम तेंदुए के व्यवहार, उसके प्राकृतिक आवास पर मानवीय गतिविधियों के प्रभाव और संरक्षण की जरूरतों पर चर्चा की गई। साथ ही भारत में हिम तेंदुओं की आबादी के आकलन से संबंधित एसपीएआई रिपोर्ट के प्रमुख तथ्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सुराईथोटा, रेणी और गरपक अनुभागों के वनकर्मी भी शामिल हुए।

उधर, घांघरिया में भ्यूंडार और फूलों की घाटी अनुभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को हिम तेंदुए की सुरक्षा और हिमालयी जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया। प्रभाग स्तर पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसके जरिए युवाओं और विद्यार्थियों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

वन विभाग ने हिम तेंदुए को उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण शीर्ष शिकारी बताते हुए उसके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया। विभाग के अनुसार, जनसहभागिता और जागरूकता से ही हिमालयी वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है।
