बष्टी सड़क की मांग पर चार दिन चला श्रमदान, लिखित आश्वासन पर थमे ग्रामीणों के हाथ
राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में ग्रामीणों और लोनिवि अधिकारियों के बीच हुई वार्ता, जल्द तैयार होगी पत्रावली
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत गैड़ के बष्टी तोक को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों का श्रमदान लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हो गया है। शनिवार को राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट की अध्यक्षता में ग्रामीणों और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। इसमें विभाग ने सड़क निर्माण से संबंधित पत्रावली शीघ्र तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया।

बष्टी तोक के ग्रामीण पिछले दस वर्षों से गांव को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग कर रहे हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने और उसका विपणन करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर सड़क बनाने की पहल की।
ग्रामीणों ने चार दिनों तक श्रमदान कर करीब 300 मीटर सड़क तैयार की। उन्होंने स्पष्ट किया था कि सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल का लिखित आश्वासन मिलने तक श्रमदान जारी रहेगा।

इसके बाद राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट ने पहल करते हुए ग्रामीणों और लोनिवि अधिकारियों के बीच वार्ता कराई। बैठक में विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने सड़क निर्माण से संबंधित पत्रावली जल्द तैयार करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने श्रमदान समाप्त करने की घोषणा की।
लिखित आश्वासन से ग्रामीणों को सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है, हालांकि अब उनकी निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। पत्रावली तैयार होने और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने से दस वर्षों से सड़क की राह देख रहे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान ग्राम प्रधान राजेंद्र पंवार, ग्राम प्रधान गडगू सरिता नेगी, पूर्व प्रधान नरेंद्र पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संगीता देवी, विजया देवी, रजनी देवी, बलवीर राणा, गजेंद्र सिंह पंवार, भगत सिंह राणा, बीरबल सिंह राणा, राकेश राणा, कुलदीप सिंह पंवार, बलवंत सिंह राणा और लोनिवि के सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

