
20 अक्टूबर को पंचांग गणना के बाद होगी घोषणा, पंच पूजाओं और देवडोलियों के शीतकालीन प्रवास का कार्यक्रम भी होगा निर्धारित
संजय कुंवर
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष शीतकाल के लिए कब बंद होंगे, इसकी तिथि विजयदशमी पर 20 अक्टूबर को तय की जाएगी। मंदिर परिसर में भगवान बदरीविशाल के भोग के बाद आयोजित धार्मिक समारोह में पंचांग गणना के पश्चात कपाट बंद होने की तिथि घोषित की जाएगी। इसके साथ ही पंच पूजाओं और देवडोलियों के शीतकालीन गद्दी स्थलों के लिए प्रस्थान का कार्यक्रम भी निर्धारित होगा।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि विजयदशमी पर मंदिर परिसर में नवरात्र और उर्वशी माता की पूजा-अर्चना का समापन हवन-यज्ञ के साथ होगा। इसके बाद दशमी तिथि और विजय मुहूर्त में विधि-विधान से पंचांग गणना कर कपाट बंद होने की तिथि तय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर भगवान उद्धव और कुबेर जी के योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान तथा भगवान गरुड़ और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के ज्योतिर्मठ स्थित श्री नृसिंह मंदिर प्रस्थान की तिथियां भी निर्धारित की जाएंगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कप्रवाण सहित समिति के सदस्यों की मौजूदगी में बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी और वेदपाठी पंचांग गणना करेंगे। इसी दौरान वर्ष 2027 की भंडार व्यवस्था के संचालन के लिए पगड़ी भेंट करने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
कार्यक्रम में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़, अधिकारी-कर्मचारी, हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित और श्रद्धालु मौजूद रहेंगे।

