
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : मद्महेश्वर घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके दिनेश सेमवाल ने ऊखीमठ – मनसूना – रासी जर्जर मोटर मार्ग के लिए शासन – प्रशासन व सम्बन्धित विभाग को जिम्मेदार ठहराया है, मोटर मार्ग की सुध न लेने पर आन्दोलन की चेतावनी दी है।
उनका कहना है कि मोटर मार्ग के डामरीकरण व विस्तारीकरण पर विभाग द्वारा अत्यंत असंवेदनशीलता दिखाई गई जो कि अब आत्मघाती रूप ले चुकी है तथा कई स्थान पिछले कई वर्षों से सरूणा ,परवाडी, पिलोजी सहित मद्महेश्वर घाटी के जनमानस के लिए दुर्घटनाओं का केंद्र बना हुआ है। कहा कि मोटर मार्ग पर गरगड धार में भूस्खलन का लगातार खतरा बना रहता है इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा मार्ग का न तो स्थायी समाधान किया गया और न ही संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए तकनीकी रूप से उपयुक्त योजना बनाई गई। सर्वेक्षण की असफलता और निर्माण कार्य की अधूरी स्थिति न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि जनसुरक्षा के साथ एक क्रूर मज़ाक भी है। उन्होंने कहा कि उक्त मोटर मार्ग पर जहां एक ओर भारी वाहनों की आवाजाही इस क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, वहीं स्कूली छात्र-छात्राएं और पैदल चलने वाले आम नागरिक रोज़मर्रा की ज़िंदगी को जोखिम में डालने को विवश बने हुए हैं तथा यह स्थान विभाग द्वारा दुर्घटनाओं के लिए आरक्षित” कर दिया गया है। कहा पिलोंजी से धरूढ़ी तक का परंपरागत पैदल मार्ग जो वर्षों से ग्रामीणों की जीवन रेखा रहा है, उसे नष्ट कर दिया गया तथा गिरिया गांव सहित आसपास की बस्तियों की जनभावनाओं की भी उपेक्षा की गयी है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उक्त संवेदनशील स्थल पर सड़क निर्माण को वैज्ञानिक तकनीकी जांच के आधार पर स्पेशल ट्रीटमेंट के साथ अविलंब पूर्ण किया जाना चाहिए तथा स्कूली विद्यार्थियों और आम जनता की सुरक्षा हेतु स्थायी एवं प्रभावी उपाय किए जाएं , पिलोंजी, परवाडी और सरूणा के प्रभावित परिवारों को भूस्खलन और मकानों के खिसकने से बचाने हेतु आपातकालीन कार्यवाही की जाए तथा जनजीवन की रक्षा करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है। यदि समय रहते इस विषय पर प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो यह क्षेत्र किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन – प्रशासन व संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी।

