पंच केदारों में प्रसिद्ध द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए श्रद्धालुओं को बंद हो गए हैं। अब शीतकाल में छह माह बाबा ओंकारेश्वर मन्दिर में अपने भक्तों को देंगे आशीष
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : पंच केदारों में द्वितीय केदार के नाम से विख्यात व सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य विराजमान भगवान म

मद्महेश्वर के कपाट वेद ऋचाओं व विधि – विधान से शीतकाल के लिए बन्द कर दिए गए हैं। कपाट बन्द होने के पावन अवसर पर 369 श्रद्धालु कपाट बन्द होने के साक्षी बने।
कपाट बन्द होने के बाद भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गांव पहुंच गयी है तथा चल विग्रह उत्सव डोली 21 नवम्बर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में विराजमान होगी तथा 22 नवम्बर से भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मन्दिर में विधिवत शुरू होगी।

मंगलवार को ब्रह्म बेला पर मद्महेश्वर धाम के प्रधान पुजारी शिव लिंग ने पंचाग पूजन के तहत भगवान मद्महेश्वर सहित सभी देवी – देवताओं का आवाह्न किया तथा भगवान मद्महेश्वर के स्वयंभू लिंग को भस्म, चन्दन, बागाम्बर, पुष्प, अक्षत्र, भृगराज सहित अनेक पूजा सामग्रियों से समाधि दी गयी तथा भगवान मदमहेश्वर जगत कल्याण के लिए तपस्यारत हो गये। भगवान मद्महेश्वर के कपाट शुभ लग्नानुसार वेद ऋचाओं के साथ बन्द होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली का विशेष श्रृंगार किया तथा भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली सहित अनेक देवी – देवताओं के निशाणों ने मुख्य मन्दिर सहित सहायक मन्दिरों की परिक्रमा की तथा चल विग्रह उत्सव डोली कैलाश से शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम से रवाना होते ही सैकड़ों भक्तों की जयकारों से मद्महेश्वर धाम गुंजायमान हो उठा। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के दोपहर बाद गौण्डार गांव आगमन पर ग्रामीणों ने पुष्प अक्षत्रों से भव्य स्वागत किया तथा लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर क्षेत्र के समृद्धि की कामना की! बुधवार को भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली गौण्डार गांव से रवाना होकर द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रासी पहुंचेगी।
मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि इस बार यात्रा काल में 27,260 तीर्थ यात्रियों ने मद्महेश्वर धाम पहुंचकर पुण्य अर्जित किया। इस मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्वाण , मन्दिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्वाण, पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत, पूर्व प्रधान बीर सिंह पंवार, डोली प्रभारी विपिन पटवाल, दिवारा यात्रा प्रभारी दीपक पंवार, वन पंचायत सरपंच पते सिंह पंवार, पारेश्वरी त्रिवेदी , ललित त्रिवेदी , शिवानन्द पंवार, भगत सिंह पंवार, बलवीर सिंह पंवार,मदन सिंह पंवार, बृजमोहन पंवार, दिनेश पंवार सहित गौण्डार, रासी व उनियाणा के हक – हकूकधारी, जनप्रतिनिधि, मन्दिर समिति , वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
