
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : गुरूवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद स्पष्ट हो गया है कि जनता जनार्दन ने आधे दर्जन से अधिक निवर्तमान ग्राम पंचायतों प्रधानों या फिर उनकी पत्नियों को करारी हार देकर घर बैठने पर मजबूर कर दिया है । पांच वर्षों से लेकर पन्द्रह वर्षों तक ग्राम पंचायतों में शासन करने के बाद निवर्तमान प्रधान जनता के दिलों में जगह बनाने में क्यों असमर्थ रहे यह एक पहेली बनी हुई है । मतगणना परिणामों पर गौर करें तो कुछ प्रधान तीसरी व चौथे बार जीत हासिल करने में समर्थ रहे जबकि कुछ नव निर्वाचित प्रधानों ने जनता की लोकप्रियता हासिल कर मामूली वोटों से जीत दर्ज कर जन सेवा करने का मन बनाया है ।

बता दें कि पूरे विकासखंड मे 66 ग्राम पंचायतों में से 12 पंचायत के प्रधान पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हुए थे तथा 54 ग्राम पंचायतों में 136 प्रत्याशी चुनाव समर में थे । मतगणना आंकड़ों के अनुसार उषाडा के निवर्तमान प्रधान कुवर सिंह बजवाल, पठाली गुड्डी देवी , किमाणा के निवर्तमान प्रधान सन्दीप पुष्वाण की पत्नी मनोरमा देवी , बुरूवा सरोज भट्ट के पति योगेन्द्र भट्ट, रासी कुन्ती नेगी , व्यूखी सुदर्शन राणा , चिलौण्ड मोहन सिंह राणा तथा चौमासी मुलायम सिंह तिन्दोरी पांच वर्षों के कार्यकाल के बाद भी जनता के दिलों में जगह बनाने में असमर्थ रहे तथा उन्हें करारी हार का सामना करना पडा। तुंगनाथ घाटी की ग्राम पंचायत उषाडा निवासी व विगत कई वर्षों से सामाजिक गतिविधियों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रतिपाल बजवाल मात्र एक वोट से विजय घोषित हुए जबकि मदमहेश्वर घाटी बुरूवा निवासी , राकेश्वरी मन्दिर समिति कार्यकारी अध्यक्ष तथा मदमहेश्वर घाटी विकास मंच के पूर्व अध्यक्ष मदन भट्ट वर्ष 2014 के चुनाव में मात्र 7 वोटों से हार गये थे मगर इस चुनाव में उन्हे 66 वोटों से जीत हासिल हुई। ग्राम पंचायत त्यूडी के सुभाष रावत को दूसरी बार प्रधान बनने का अवसर मिला है जबकि कुछ निवर्तमान प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप मे अपना भाग्य आजमा रहे थे मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
एक बार पत्नी व तीसरी बार स्वयं बने प्रधान
कालीमठ घाटी की ग्राम पंचायत जाल मल्ला निवासी व नवनिर्वाचित प्रधान त्रिलोक रावत को तीसरी बार जन सेवा करने का सौभाग्य मिला है । वर्ष 2008 में त्रिलोक रावत प्रधान पद पर आसीन रहे तथा वर्ष 2014 में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी प्रधान बनी तथा वर्ष 2019 व 2025 में भी त्रिलोक रावत को प्रधान पद की बागडोर मिली । वहीं दूसरी ओर मदमहेश्वर घाटी की ग्राम प्रधान गडगू के नवनिर्वाचित प्रधान सरिता देवी व उनके पति बिक्रम सिंह नेगी को तीसरी बार सदन मे जाने का सौभाग्य मिला। वर्ष 2014 में सरिता देवी प्रधान बनी तथा वर्ष 2019 में उनके पति बिक्रम सिंह नेगी को गांव की बागडोर सम्भालने का अवसर मिला इस बार फिर सरिता देवी प्रधान बनकर सदन पहुंची ।

