ऊखीमठ : केदारघाटी में भारी बारिश एवं भूस्खलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त

Team PahadRaftar

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ :  केदार घाटी सहित विभिन्न इलाको में विगत 36 घन्टों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है । मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों के जल स्तर पर भारी वृद्धि होने से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ने लगी है।

ऊखीमठ – मनसूना – रासी मोटर मार्ग जगह- जगह तालाबों मे तब्दील होने से ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर करने को विवश बने हुए है जबकि कुण्ड – चोपता – गोपेश्वर नेशनल हाईवे पर पापड़ी व ताला तोक मे सफर करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है तथा ताला तोक के निचले हिस्से मे भूस्खलन होने से काश्तकारों की असिंचित भूमि खतरे की जद में आ गयी है । मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत फापज के लोन्तर तोक मे गदेरे के उफान मे आने के कारण पैदल पुल खतरे की जद मे आ गया है जिससे ग्रामीणों व स्कूली नौनिहालों को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने पड़ रही है।

जानकारी देते हुए मदमहेश्वर घाटी पाली सरूणा निवर्तमान प्रधान प्रेमलता पंत ने बताया कि केदार घाटी सहित विभिन्न इलाको मे लगातार बारिश होने से मन्दाकिनी सहित सहायक नदियों का जल स्तर उफान पर है । बुरूवा गांव के नवनिर्वाचित प्रधान मदन भट्ट ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा ऊखीमठ – मनसूना – रासी मोटर मार्ग के डामरीकरण व विस्तारीकरण पर करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद भी मोटर मार्ग अधिकांश स्थानों पर तालाबों मे तब्दील होने से मदमहेश्वर घाटी के दर्जनों गांवो के ग्रामीणों व मदमहेश्वर धाम जाने वाले तीर्थ यात्रियों को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड रही है । पूर्व प्रधान मदन सिंह नेगी ने बताया कि फापज गांव के लोन्तर तोक मे गदेरे के उफान मे आने के कारण पैदल पुल खतरे की जद मे आ गया है जिससे ग्रामीणों व स्कूली नौनिहाल खतरे की जद मे आये पुल से आवाजाही करने को विवश बने हुए है । तुंगनाथ घाटी की ग्राम पंचायत उषाडा के नवनिर्वाचित प्रधान प्रतिपाल सिंह बजवाल ने बताया कि ताला तोक के निचले हिस्से मे भूस्खलन होने से काश्तकारों के खेत खतरे की जद में आ गये हैं । सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल बजवाल ने बताया कि कुण्ड – चोपता नेशनल हाईवे पर पापड़ी व ताला तोक में सफर करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

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