
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने खटारा से मदमहेश्वर धाम तक हुए नये अतिक्रमण को हटाने की कवायद शुरू कर दी है तथा गुरूवार को पैदल मार्ग पर 8 स्थानों पर अवैध अतिक्रमण को हटा दिया गया है तथा अन्य स्थानों पर अवैध नये अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही जारी है। वहीं अकतोली – मदमहेश्वर पैदल यात्रा मार्ग से अतिक्रमण हटाने पर युवाओं व हक – हकूधारियों में आक्रोश बना हुआ है। हक – हकूकधारियों का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार युवाओं को पर्यटन से रोजगार देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा युवाओं की दुकानों को हटाकर उनकी रोजी – रोटी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग का कहना है कि मदमहेश्वर धाम सहित पैदल यात्रा पड़ावों पर जो भी पुराना अतिक्रमण है वह न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए पुराने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर होगी मगर नये अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
बता चले कि इस बार मदमहेश्वर धाम के कपाट खुलने के बाद मदमहेश्वर पैदल, मार्ग पर जूस – पानी की दुकानें खोलकर अपना रोजगार किया जा रहा था जिसका लाभ मदमहेश्वर धाम पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को भी मिल रहा था। गुरूवार को केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की 16 सदस्यीय टीम ने खटारा से कूनचट्टी तक 8 स्थानों पर अतिक्रमण हटा दिया है तथा मदमहेश्वर धाम में नये अतिक्रमण को हटाने की कवायद जारी है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय बुग्यालों के संरक्षण व संवर्धन के लिए सख्त हो चुका है फिर भी मदमहेश्वर पैदल यात्रा मार्ग पर अवैध अतिक्रमण जारी है जिसे बर्दाश्त नही किया जायेगा। वहीं मदमहेश्वर घाटी में संचार सुविधा न होने से वन विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता नहीं हो पाई।

