
25 वर्षों बाद आयोजित भगवती चण्डिका की घर दिवारा यात्रा पहुंची तडांग गांव उमड़ी भक्तों की आस्था, 61 दिनों के घर दिवारा भ्रमण पर भगवती चण्डिका।

लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। तल्लानागपुर क्षेत्र की आराध्य देवी भगवती चण्डिका की घर दिवारा यात्रा इन दिनों पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण बना रही है। लगभग २५ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित यह दिव्य यात्रा गांव-गांव पहुंचकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर रही है। इसी क्रम में इन दिनों भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा तडांग गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने देवी का भव्य स्वागत कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा के तडांग गांव पहुंचने पर पूरे गांव में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है।
पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-दमाऊं और शंखध्वनि के बीच देवी की डोली घरों में प्रवेश करते ही श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर देवी का अभिनंदन कर रहे हैं। दिवारा यात्रा के दौरान देवी की डोली सहित अनेक देवी – देवताओं के निशाण गांव-गांव जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिव्य यात्रा के दौरान देवी अपने भक्तों के दुख-कष्ट दूर कर क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर देवी के दर्शन कर रहे हैं। तुंगेश्वर मन्दिर समिति अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल के अनुसार भगवती चण्डिका की यह दिवारा यात्रा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, जो कई वर्षों के अंतराल में आयोजित की जाती है। लगभग २५ वर्षों बाद पुनः आयोजित इस यात्रा को लेकर पूरे तल्लानागपुर क्षेत्र में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है। दूर-दराज के गांवों से भी लोग देवी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यात्रा के दौरान देववाणी और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को देवी का संदेश भी दिया जा रहा है। ग्रामीण देवी के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य सम्पन्न नेगी का कहना है कि भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक है। इस यात्रा के माध्यम से गांव-गांव के लोग एकत्र होकर अपनी परंपराओं और आस्था को जीवित रखने का कार्य करते हैं। दिवारा यात्रा सचिव पूर्ण सिंह खत्री ने बताया कि आगामी 14 मार्च को भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा काण्डा गांव पहुंचेगी तथा आने वाले दिनों में भगवती चण्डिका की दिवारा यात्रा अन्य गांवों का भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करेगी। बताया कि देवी के दर्शन के लिए क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और पूरा तल्लानागपुर क्षेत्र इन दिनों भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा हुआ है।
