ऊखीमठ : तुंगनाथ धाम में तीन सप्ताह में 20 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Team PahadRaftar

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ : तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में मात्र 23 दिनों में तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा 20 हजार के पार पहुंच गया है। तुंगनाथ धाम में प्रति दिन 7 सौ से लेकर 9 सौ तक तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं। तुंगनाथ घाटी में निरन्तर हो रही बारिश से चोपता – तुंगनाथ- चन्द्रशिला 4 किमी पैदल ट्रैक के दोनों तरफ फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में हरियाली लौटने तथा बुग्यालों में अनेक प्रजाति के पुष्प खिलने से वहां के प्राकृतिक सौन्दर्य पर चार चांद लगने शुरू हो गये है तथा तुंगनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थ यात्री व पर्यटक प्राकृतिक सौन्दर्य निहारकर अभिभूत हो रहे है। मन्दिर समिति के सी ओ विजय प्रसाद थपलियाल के निर्देशन पर तुंगनाथ धाम में तैनात अधिकारियो, कर्मचारियों द्वारा तुंगनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के भरसक प्रयास किये जा रहे है। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम की यात्रा धीरे – धीरे परवान चढ़ने से तुंगनाथ घाटी के तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय मे खासा इजाफा होने लगा है। तुंगनाथ धाम में मात्र 23 दिनों में 20 हजार से अधिक तीर्थ यात्रियों की आवाजाही होने से तुंगनाथ धाम सहित तुंगनाथ घाटी के सभी यात्रा पड़ावों पर रौनक बनी हुई है। तीर्थ यात्री, पर्यटक व सैलानी तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना व जलाभिषेक करने के बाद चन्द्र शिला की खूबसूरत वादियों से भी रूबरू हो रहें हैं। जानकारी देते हुए तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि तुंगनाथ धाम में मात्र 23 दिनों की अवधि में 10 हजार, 698 पुरूषों, 8 हजार 296 महिलाओं, 1 हजार 803 नौनिहालों , 81 साधु – संन्यासियों व 11 विदेशी सैलानियों सहित 20 हजार 879 तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु जय शंकर, जय महादेव के उद्घोषों के साथ तुंगनाथ धाम पहुंचने से तुंगनाथ धाम का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है तथा तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर रौनक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मन्दिर समिति के सी ओ विजय प्रसाद थपलियाल के निर्देश पर पहली बार तुंगनाथ धाम मे तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु शौचालय का निर्माण किया गया है तथा हर तीर्थ यात्री को बेहतर सुविधा दी जा रही है। मेरठ से दूसरी बार तुंगनाथ की यात्रा पर आये राहुल शुक्ल ने बताया कि तुंगनाथ धाम के दर्शन करने से मन को अपार शान्ति मिली है तथा यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य से रूबरू होकर मन को बड़ा शगुन मिलता है। हरियाणा पानीपत से तीसरी बार तुंगनाथ की यात्रा पर अतुल साहनी ने बताया कि तुंगनाथ धाम में बार – बार आने की लालसा बनी रहती है। पुणे निवासी शिवानी ने बताया कि चोपता – तुंगनाथ पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैली हरियाली व विभिन्न प्रजाति के पुष्पों से आच्छादित भूभाग हमेशा याद रहेगा क्योंकि इस भूभाग मे पर्दापण करने से मन को असीम शान्ति मिलती है। आन्ध्र प्रदेश अटानी निवासी अनामिका ने कहा कि तुंगनाथ घाटी हकीकत में धरती का साक्षात स्वर्ग है क्योंकि यहां पग – पग पर परम आनन्द की अनुभूति होती है।

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