कच्ची दुकानों की निविदा निरस्त न होने पर व्यापारी आमरण – अनशन पर बैठे
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर कच्ची दुकानों के आवंटन से जुड़ी निविदा निरस्त न किए जाने से आक्रोशित व्यापारियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

तहसील परिसर में शुरू हुए इस अनशन में बड़ी संख्या में केदारनाथ यात्रा से जुड़े व्यापारी शामिल हो गए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि वर्ष 2024 में गुप्तकाशी में आयोजित जनसभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच वर्षों तक दुकानों का संचालन यथावत संचालित होने का आश्वासन दिया था मगर विगत दिनों जिला प्रशासन द्वारा गोपनीय तरीके से कच्ची दुकानों का आवंटन लाटरी के जरिए होने का फरमान जारी कर दिया,जिससे स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक निविदा प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

इस आंदोलन को क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला एवं व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने भी समर्थन दिया है। दोनों नेताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर व्यापारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की उपेक्षा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि कच्ची दुकानें उनके परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन हैं और यदि उन्हें इससे वंचित किया गया तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की है। आमरण – अनशन के पहले दिन केदार घाटी श्रद्धालु सेवा समिति अध्यक्ष सन्दीप पुष्वाण, वीरेन्द्र सिंह कोटवाल, जसवंत सिंह बिष्ट, यशपाल सिंह पंवार, जसपाल सिंह पंवार, चन्द्र मोहन सिंह चौहान प्रेम सिंह रावत आमरण – अनशन पर बैठे हैं। इस मौके पर सुनील भट्ट, विजेन्द्र राणा, सुषमा, यशवीर सिंह रावत, महेन्द्र सिंह रावत, महिपाल सिंह पुष्वाण सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
