साहिबज़ादों के बलिदान की कथा भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय : प्रीति कुमारी

Team PahadRaftar

साहिबज़ादों के बलिदान की कथा भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय :  प्रीति कुमारी

संजय कुंवर

ज्योतिर्मठ : वीर बाल दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के एडुसैट सभागार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबज़ादों बाबा अजीत सिंह , बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की स्मृति को समर्पित वीर बाल दिवस में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि धर्म और देश की रक्षा के लिए जिस स्वाभिमान के साथ चारों साहिबज़ादों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अमरत्व प्राप्त किया वह भारत के इतिहास के सबसे स्वर्णिम अध्यायों में एक है और समकालीन युवा भारत को इन वीर बालकों को अपना नायक मानना चाहिए।

डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने वीरता, त्याग और बलिदान की गौरवशाली सिख परंपरा में साहिबज़ादों के साथ साथ बाबा मोती राम मेहरा और दीवान टोडरमल के योगदान का मार्मिक पुनर्पाठ किया। उन्होंने कहा कि महान, विकसित और अजेय भारत का निर्माण तब तक नहीं हो सकता जब तक भारत का युवा अपनी संस्कृति और ज्ञान परम्परा का जीवंत उदाहरण न हो। डॉ. राजेन्द्र सिंह राणा के कुशल मंच संचालन में संपादित इस विचार गोष्ठी में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने वीर बालकों को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

Next Post

ज्योर्तिमठ : औषधीय एवं सगन्ध पौधों पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित

संजय कुंवर  ज्योर्तिमठ : नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व के तत्वाधान में औषधीय एवं सगन्ध पौधों पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम। एनडीबीआर के तत्वावधान में औषधीय एवं सगंध पौधों (Medicinal and Aromatic Plants – MAPs) पर आधारित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम […]

You May Like