ऊखीमठ : रंगेश्वर महादेव में धूमधाम से सम्पन्न हुआ शिव–पार्वती विवाह उत्सव

Team PahadRaftar

रंगेश्वर महादेव में धूमधाम से सम्पन्न हुआ शिव–पार्वती विवाह उत्सव, कथावाचक राधिका जोशी केदारखण्डी के प्रवचनों से भक्तिमय हुई क्यूजा घाटी.

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ : क्यूजा घाटी के कण्डारा गांव स्थित प्राचीन रंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शिव–पार्वती विवाह महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

ग्रामवासियों एवं क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में कथावाचक राधिका जोशी केदारखण्डी ने शिव महिमा और पार्वती तप की मार्मिक व्याख्या कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

मन्दिर प्रांगण को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी सजावट से सुसज्जित किया गया था। ढोल-दमाऊं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच भगवान शिव की प्रतीकात्मक बारात निकाली गई। स्थानीय युवाओं ने शिवगणों का स्वरूप धारण कर वातावरण को जीवंत बना दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर विवाह की रस्मों में सहभागिता निभाई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव–पार्वती विवाह की सभी परंपराएं विधिवत संपन्न कराई गईं। कार्यक्रम मे कथावाचक राधिका जोशी केदारखण्डी ने अपने प्रवचनों में शिव–पार्वती विवाह की पौराणिक कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह विवाह केवल एक दैवीय प्रसंग नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और अटूट विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने केदारखण्ड की आध्यात्मिक परंपरा, हिमालय की तपोभूमि और शिवभक्ति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माता पार्वती की कठोर साधना और अडिग निष्ठा हमें जीवन में धैर्य, संयम और समर्पण का संदेश देती है। भगवान शिव का सरल एवं वैरागी स्वरूप समाज को समानता और करुणा की प्रेरणा देता है। उनके ओजस्वी और भावपूर्ण वक्तव्य पर श्रद्धालु “हर-हर महादेव” के उद्घोष से गूंज उठे।

शिव–पार्वती विवाह महोत्सव के अवसर पर भजन-कीर्तन और जागर का भी आयोजन किया गया। स्थानीय महिला मंगल दलों एवं युवाओं ने पारंपरिक लोक गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। ग्राम प्रधान एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना के साथ सामाजिक एकता भी सुदृढ़ होती है। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने रंगेश्वर महादेव के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। स्वामी हरिहरा नन्द ने बताया कि कण्डारा गांव स्थित रंगेश्वर महादेव मंदिर क्यूजा घाटी की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलदायी होती है। शिव–पार्वती विवाह जैसे आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।

इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शकुन्तला जगवाण, प्रधान अंजू भण्डारी , मन्दिर समिति अध्यक्ष मनोज नेगी ,विलोचना रावत , धर्मवीर जगवाण, राजवीर जगवाण, प्रकाश गैरोला, दिवाकर भट्ट, दीपा जगवाण, सन्तोष, संगीता , कुवरी , मनोरमा देवी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनो के पदाधिकारी ,सदस्य व सैकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे।

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