गोविंदघाट : हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तैयारियां हुई तेज, सजने लगे गुरूद्वारे  

Team PahadRaftar

हेमकुंड साहिब के कपाट खोलने की तैयारियां हुई तेज, सजने लगे गुरूद्वारे  

संजय कुंवर 

गोविंदघाट  : उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित उच्च हिमालई लोकपाल घाटी में मौजूद सिक्ख धर्म आस्था का केंद्र पवित्र गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट खुलने को लेकर यात्रा तैयारिया तेज हो गई है। पुलना घाटी के स्थानीय होटल लॉज कारोबारी भी सीजन को देखते हुए गोविंद धाम घांघरिया स्थित अपने अपने प्रतिष्ठानों और होटलों को सजाने संवारने और यात्रा का सामान शिफ्ट करने में जुटे हैं। वहीं श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा ज्योतिर्मठ से लेकर श्री हेमकुंड साहिब के मुख्य यात्रा पड़ाव गोविंद घाट गुरुद्वारे ओर गोविंद धाम घांघरिया, श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा में यात्रा को लेकर सभी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए कमर कस ली है। श्री हेमकुंड साहिब जी के आस्था पथ पर जहां सेना के जवानों द्वारा हिमखंड को काटकर संगतों के लिए गुरु आस्था पथ पर आवाजाही सुचारु करने का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं गोविंद घाट गुरुद्वारे में गुरु सेवकों द्वारा दरबार साहिब सहित पूरे परिसर की साज सज्जा और साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह के मार्ग दर्शन में कपाट खुलने से पूर्व गोविंद घाट गुरुद्वारे से लेकर श्री हेमकुंड साहिब धाम तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

25 मई को सप्त श्रृंग चोटियों के मध्य अमृत सरोवर के समीप सिक्ख धर्म आस्था केंद्र पवित्र गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब जी के कपाट खोले जाने है लिहाजा श्रद्धालुओं के आस्था पथ से लेकर गोविंद घाट ज्योतिर्मठ तक रहने,खाने,स्वास्थ्य, चिकित्सा,सुरक्षा,आदि की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गुरुद्वारा सजने लगे है, आस्था पथ पर दुकानें भी सजने लगी हैं। घोड़ा,डंडी,कंडी, पालकी, वाले भी गोविंद घाट से लेकर घांघरिया पहुंचने लगे हैं, धीरे धीरे ही सही लोकपाल घाटी में शीतकाल से पसरा सन्नाटा अब चहल पहल में बदलने लगा है।

Next Post

ऊखीमठ : भगवान मद्महेश्वर की डोली अपने अंतिम पड़ाव गौण्डार गांव पहुंची, कल खुलेंगे कपाट

लक्ष्मण नेगी  ऊखीमठ : द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली सैकड़ों भक्तों की जयकारों , महिलाओं के धार्मिक मांगलों व स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गाँव पहुंच गयी है। बुधवार को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली […]

You May Like