
संजय कुंवर
पीपलकोटी : देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति अपने आप में अनूठी है। जिसमें ढोल – थमाऊं, रणसिंगा और मशकबीन की समृद्ध संस्कृति आज भी मौजूद हैं। जिनके ढोल सागर की थाप और ताल पर देवता आज भी धरती पर अवतरित होते हैं।
दशोली ब्लॉक के मठ गांव में ढोल – दमाऊं की थाप पर देवता आजकल नृत्य कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लें रहे हैं, जिससे गांव में रौनक बनी हुई है।
शनिवार से दशोली ब्लॉक के पीपलकोटी के पास मठ गांव में ढौंर – थाल व ढोल – दमाऊं की थाप पर ग्वेल राजा, भैरवनाथ, गढ़ देवी व बीरभैरव देवता अवतरित होकर नाच रहे हैं। साथ ही देवताओं के साथ उनके भक्त भी बड़ी संख्या में नृत्य कर रहे हैं। जिससे गांव का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। चार दिनों तक चलने वाले इस देव नृत्य में प्रवासियों के साथ ही आस-पास के गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं द्वारा देव नृत्य में शरीक होकर देवताओं का आशीर्वाद लिया जा रहा है। इस अवसर पर ग्रामीण कुलदीप सिंह नेगी, अनसूया सिंह, जगदीश सिंह, गोपाल सिंह, हरीश सिंह, हुकमसिंह, डब्बल सिंह, प्रेम सिंह, दीपक सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
