
संजय कुंवर
नीती घाटी : भारत – चीन सीमा पर स्थित 14500 फीट ऊंचाई पर बाडाहोती पार्वती कुण्ड में जीवंत हुई आस्था और संस्कृति की समागम।

उत्तराखंड के चमोली जनपद की सीमांत सरहदी मलारी बराहोती बोर्डर पर स्थित पौराणिक पार्वती कुंड, शिव पार्वती मंदिर में हुआ आस्था और सदियों पुरानी सनातनी परम्पराओं का निर्वाहन। जी हां चमोली जिले के श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड की पावन बराहोती घाटी में समुद्र तल से लगभग 14 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र पार्वती कुण्ड एवं शिव पार्वती माता के मंदिर में पहुंच कर शताब्दियों पुरानी परम्पराओं का निर्वाहन किया। पार्वती कुंड की आध्यात्मिक वादियों में पारंपरिक परिधानों से सजे धजे श्रद्धालुओं द्वारा लगाई गई दाकुड़ी,झुमैलो, झमाको लोक गीतों की जबरदस्त गूंज गुंजायमान रही।

भक्तों ने इस पवित्र देव स्थल पर विधि विधान पूर्वक पूजा – अर्चना कर देवी देवताओं का शुभ आशीष प्राप्त किया। वहीं अनुष्ठान की पूर्णता के उपरांत श्रद्धालु दिव्य अलौकिक वातावरण में आध्यात्मिक आलोक से अभिभूत हो उठे। उनके हृदयों में उमड़े गहन आनंद, शांति और आत्मिक ऊर्जा मने इस धार्मिक यात्रा को और भी स्मरणीय बना दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने इसे देवभूमि की सनातन आस्था, सांस्कृतिक धरोहर, एवं लोक परम्परा का अनुपम प्रतीत बताते हुए अपनी गहन भावनाओं को साझा किया।
