
केदारघाटी श्रद्धालु सेवा समिति के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से की भेंट
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। श्री केदार घाटी श्रद्धालु सेवा समिति के पदाधिकारियों ने राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत के नेतृत्व में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात कर आगामी यात्रा सीजन में गौरीकुंड–केदारनाथ पैदल मार्ग पर संचालित कच्ची दुकानों को पूर्व की भांति संचालित करने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इन दुकानों से स्थानीय लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है और हजारों परिवारों का भरण–पोषण इसी पर निर्भर करता है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के दौरान गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर छोटी–छोटी कच्ची दुकानें श्रद्धालुओं को आवश्यक सामग्री, भोजन, चाय–नाश्ता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। इन दुकानों के माध्यम से यात्रियों को भी राहत मिलती है और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले वर्षों में भी इन दुकानों के माध्यम से यात्रा मार्ग पर यात्रियों को सुविधा प्रदान की जाती रही है। स्थानीय लोग सीमित संसाधनों के बावजूद यात्रियों की सेवा में जुटे रहते हैं। इसलिए आगामी यात्रा सीजन में भी इन दुकानों को पूर्व की व्यवस्था के अनुसार संचालित करने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें।
इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से यह भी अनुरोध किया कि दुकानों के संचालन के लिए प्रशासन द्वारा स्पष्ट दिशा–निर्देश जारी किए जाएं, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें और यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके। उन्होंने कहा कि समिति प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करेगी। जिस पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए मामले का परीक्षण किया जाएगा और स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और स्थानीय लोगों की आजीविका भी प्रभावित न हो। शिष्टमंडल में समिति अध्यक्ष सन्दीप पुष्वाण, सचिव सुषमा, कोषाध्यक्ष प्रह्लाद पुष्वाण, संरक्षक यशपाल पंवार, उपाध्यक्ष दलवीर नेगी, मीडिया प्रभारी प्रह्लाद कोटवाल, सह सचिव दीपक सिंह, अनूप सिंह पंवार, सुनील प्रसाद शामिल थे।
